रामसर संधि (Ramsar Convention)
- एक अंतर-सरकारी संधि (1971, ईरान के रामसर शहर में)।
- उद्देश्य : वेटलैण्ड्स और उनके संसाधनों का संरक्षण एवं बुद्धिमानी से उपयोग (Wise Use)।
- Wetland City मान्यता : उन शहरों को दी जाती है जो अपने प्राकृतिक एवं मानव निर्मित वेटलैण्ड्स को संरक्षित करते हैं।
रामसर स्थल – स्थिति जून 2025
- भारत में कुल रामसर स्थल : 91
- नए 2 स्थल (जून 2025 में जोड़े गए, राजस्थान से) :
- सीचन (फलीवी)
- मेनार (उदयपुर)
- वैश्विक तुलना :
- यूनाइटेड किंगडम – 176
- मेक्सिको – 144
- भारत – 91 (तीसरा स्थान)
- 2014 तक केवल 26 स्थल थे → पिछले 11 वर्षों में संख्या बढ़कर 91।
- सर्वाधिक रामसर स्थल वाले राज्य :
- तमिलनाडु – 20
- उत्तर प्रदेश – 10
- राजस्थान में अब कुल 4 रामसर स्थल :
- सांभर झील
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
- सीचन (फलीवी)
- मेनार (उदयपुर)
- बिहार में वर्तमान में 3 रामसर स्थल हैं. ये हैं:
- कांवर झील (Kawar Jheel): बेगूसराय जिले में स्थित, यह एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील है और 2020 में इसे रामसर स्थल का दर्जा मिला.
- नागी पक्षी अभयारण्य (Nagi Bird Sanctuary): जमुई जिले में स्थित, यह एक मानव निर्मित जलाशय है और 2024 में इसे रामसर स्थल घोषित किया गया.
- नकटी पक्षी अभयारण्य (Nakti Bird Sanctuary): यह भी जमुई जिले में स्थित है और नागी पक्षी अभयारण्य की तरह ही मानव निर्मित जलाशय है, जिसे 2024 में रामसर स्थल का दर्जा मिला.
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वेटलैण्ड शहर (Wetland Cities) – 2025
- भारत के पहले 2 वेटलैण्ड शहर :
- इंदौर (मध्य प्रदेश)
- उदयपुर (राजस्थान)
- मान्यता 24 जनवरी 2025 को सम्पन्न कन्वेंशन में दी गई।
- इस मान्यता के साथ विश्व में कुल वेटलैण्ड शहरों की संख्या : 74
- देशवार स्थिति :
- चीन – 22 शहर (सर्वाधिक)
- फ्रांस – 9 शहर
- भारत – 2 शहर (इंदौर व उदयपुर)